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Author: ishtiyaq

मुंडेरवा चीनी मिल ने शुरू कराया गन्ना सर्वेक्षण कार्य, पारदर्शिता पर विशेष जोर

गन्ने के संभावित उत्पादन को ध्यान में रखकर बस्ती जिले के मुंडेरवा चीनी मिल के गन्ना क्षेत्र का निर्धारण, किसानों द्वारा चीनी मिलों को की जाने वाले गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गन्ना सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसमें पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शासन ने किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने तथा सर्वेक्षण को लेकर लगने वाले आरोपों की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है।

पेराई सत्र 2022-23 के लिए घोषित गन्ना सर्वेक्षण नीति के तहत सर्वे में पूरी तरह शुचिता और समयबद्ध निस्तारण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मीट्रिक प्रणाली पर आधारित सर्वेक्षण का कार्य 20 जून तक चलेगा। सर्वे कार्य में शुद्धता, पारदर्शिता और गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए गन्ना सूचना प्रणाली एवं स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट के तहत हैंड हेल्ड कंप्यूटर डिवाइस के माध्यम से जीपीएस सर्वे कार्य हो रहा है। गन्ना किसानों को उनके बोए गए क्षेत्रफल के संबंध मे घोषणा-पत्र आनलाइन अपलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है। घोषणा-पत्र में उल्लिखित सूचनाओं का शत प्रतिशत सत्यापन सर्वेक्षण के समय किया जाएगा।

सर्वे में 500 से 1000 हेक्टेयर तक की अस्थायी सर्किलें बनायी गई है। गन्ना सर्वेक्षण टीम में एक कर्मचारी राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक या समिति का कर्मचारी, चीनी मिल के सुपरवाइजर,सर्वेयर के साथ साथ गन्ना विकास के कार्य में लगी कार्यदाई संस्था एलएसएस के सुपरवाइजर, जोनल इंचार्ज समेत सभी प्रबंधकों को भी इस कार्य में लगाया गया है। कार्यदाई संस्था एलएसएस के गन्ना सलाहकार एसपी मिश्र ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सर्वे के समय प्रजाति, पेड़ी, शरदकालीन व बसंतकालीन गन्ना बुवाई को सही तरीके से अंकित कराने में ये कर्मचारी सहयोग कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि सर्वेक्षणकर्ता ने पिछले पेराई सत्र में जिस सर्किल का सर्वेक्षण कार्य किया था, वह वर्तमान पेराई सत्र में उस सर्किल का सर्वेक्षण कार्य नहीं करेगा।

सर्वे में पारदर्शिता बरतने का निर्देश: चीनी मिल मुंडेरवा के मुख्य गन्ना प्रबंधक कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि गन्ना सर्वे का कार्य प्रारंभ हो गया है। पूरे परिक्षेत्र को विभिन्न सर्किल में बांटकर सर्वे का कार्य कर्मचारी कर रहे हैं। इसमें किसी तरह की गड़बडी न हो इसको लेकर कर्मचारियों को हिदायत दी गई है।

Source: Jagran.com

CM योगी आज मुंडेरवा चीनी मिल का शुभारंभ करेंगे, 20 साल बाद फिर बनेगी चीनी

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ आज मुंडेरवा चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ करेंगे. सीएम योगी 12 बजे चीनी मिल का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन के साथ ही दो दशक से बंद पड़ी चीनी मिल में चीनी बननी शुरु हो जाएगी. इसके साथ ही यहां बिजली का उत्पादन भी होगा. चीनी मिल के उद्घाटन के दौरान गन्ना मंत्री सुरेश राणा समेत चीनी मिल के उच्च अधिकारी मौजूद होंगे. चीनी मिल की 1932 में स्थापना की गई थी. 1998 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने अपरिहार्य कारणों से इसे बंद कर दिया.

आंदोलन में तीन किसानों की जान गई

करोड़ों रुपये बकाया भुगतान और फिर से मिल को चलाने के लिए व्यापत आंदोलन और धरना प्रदर्शन हुआ. 12 दिसंबर 2002 को पुलिस ने आंदोलनकारियों पर फायरिंग की. पुलिस की फायरिंग में 3 किसानों की जान चली गई थी. भारतीय किसान यूनियन के साथ ही क्षेत्रीय लोगों ने तीनों को शहीद का दर्जा दिया. आज भी तीनों की मूर्ति वहां लगी है.

2017 में जब बीजेपी की सरकार बनी तो सीएम योगी ने बंद पड़ी चीनी मिलों को दुबारा चालू करने और पुरानी मिलों की क्षमता बढ़ाने के एजेंडे पर प्राथमिकता से काम करना शुरू किया. मार्च 2018 में मुख्यमंत्री ने मुंडेरवा चीनी मिल का शिलान्यास किया. उसी समय उन्होंने घोषणा की कि 383 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस मिल की क्षमता 50 हजार टीडीसी की होगी.

बनने वाली चीनी सल्फर मुक्त होगी. मिल में 27 मेगावाट का कोजेन प्लांट भी होगा. अप्रैल 2019 में इस मिल का ट्रायल हो चुका है. 21 नवंबर को उद्घाटन के बाद विधिवत इस मिल का संचालन होने लगेगा. विगत दिनों मुख्यमंत्री इतनी ही क्षमता की पिपराइच गोरखपुर चीनी मिल का भी उद्घाटन कर चुके हैं.

Source: NewsNation